Amazon H-1B Visa Remote Work India: अस्थायी राहत

पिछले कई वर्षों तक टेक इंडस्ट्री यह मानकर चलती रही कि टैलेंट बिना किसी बड़ी रुकावट के देशों के बीच आ-जा सकता है। आज यह धारणा तेजी से टूट रही है। Amazon H-1B visa remote work India से जुड़ा फैसला सिर्फ एक कंपनी की नीति नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि ग्लोबल टेक हायरिंग मॉडल अब दबाव में है।

Amazon ने कुछ ऐसे कर्मचारियों को, जो वीज़ा देरी के कारण भारत में फंस गए हैं, सीमित समय के लिए रिमोट काम करने की अनुमति दी है। यह कदम देखने में लचीला लगता है, लेकिन इसके पीछे की शर्तें एक बड़ी सच्चाई उजागर करती हैं।



Amazon को अपना सख्त ऑफिस नियम क्यों तोड़ना पड़ा

Amazon आमतौर पर पांच दिन ऑफिस से काम करने की नीति पर चलता है। रिमोट वर्क उसकी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। इसके बावजूद भारत से काम की अनुमति देना मजबूरी थी।

अमेरिका में वीज़ा प्रोसेसिंग धीमी हो गई है। अतिरिक्त जांच, बैकग्राउंड वेरिफिकेशन और सोशल मीडिया समीक्षा ने अपॉइंटमेंट्स को महीनों तक टाल दिया है। जो कर्मचारी सिर्फ वीज़ा रिन्यू कराने गए थे, वे लंबे समय तक वापस नहीं लौट पाए।

Amazon के लिए इसका मतलब था प्रोजेक्ट डिले और टीम डिसरप्शन।



रिमोट काम, लेकिन असली जिम्मेदारियां नहीं

Amazon H-1B visa remote work India नाम सुनने में राहत जैसा लगता है, लेकिन काम की सीमाएं बहुत सख्त हैं।

भारत से काम कर रहे कर्मचारी:

  • कोड नहीं लिख सकते
  • टेस्टिंग या डिप्लॉयमेंट नहीं कर सकते
  • रणनीतिक फैसले नहीं ले सकते
  • क्लाइंट या पार्टनर से बात नहीं कर सकते
  • कॉन्ट्रैक्ट साइन या नेगोशिएट नहीं कर सकते

यानि नौकरी का सबसे जरूरी हिस्सा रोक दिया जाता है।



ये पाबंदियां क्यों जरूरी हैं

इन शर्तों के पीछे कानूनी कारण हैं। भारत में रहते हुए अगर कोई अमेरिकी कर्मचारी कंपनी के लिए निर्णायक या कमाई वाला काम करता है, तो टैक्स और लेबर कानून लागू हो सकते हैं।

इससे कंपनी पर रेगुलेटरी और फाइनेंशियल रिस्क बढ़ता है। इसलिए Amazon ने सभी अंतिम फैसले भारत के बाहर रखने का नियम बनाया है।



कर्मचारियों पर इसका असर

सैलरी मिलती रहती है, लेकिन करियर स्लो हो जाता है। प्रमोशन में देरी होती है। परफॉर्मेंस को मापना मुश्किल हो जाता है।

मानसिक दबाव भी बढ़ता है, क्योंकि यह स्थिति किसी की योजना का हिस्सा नहीं थी।



Amazon अकेला नहीं है

Google, Microsoft और Apple जैसी कंपनियां भी वीज़ा होल्डर्स को इंटरनेशनल ट्रैवल से बचने की सलाह दे रही हैं। Amazon H-1B visa remote work India पूरी इंडस्ट्री की समस्या का संकेत है।



आगे क्या बदल सकता है

अगर वीज़ा अनिश्चितता बनी रही, तो:

  1. कंपनियां ज्यादा ऑफशोर हायरिंग करेंगी
  2. अमेरिका में रिलोकेशन कम आकर्षक होगा
  3. ग्लोबल टीमें स्थायी रूप से डिस्ट्रिब्यूट हो सकती हैं



कर्मचारियों को क्या उम्मीद रखनी चाहिए

यह नीति अस्थायी है। कोई गारंटी नहीं कि इसे बढ़ाया जाएगा। कर्मचारियों को बैकअप प्लान तैयार रखना होगा।



यह मामला क्यों अहम है

Amazon H-1B visa remote work India दिखाता है कि टेक इंडस्ट्री और इमिग्रेशन सिस्टम के बीच गैप बढ़ रहा है। जब तक नियम आधुनिक वर्क मॉडल के अनुसार नहीं बदलते, ऐसी अस्थायी नीतियां आम होती जाएंगी।



FAQs

Amazon H-1B visa remote work India क्या है?

वीज़ा देरी में फंसे कर्मचारियों के लिए सीमित रिमोट वर्क की अनुमति।



कोडिंग क्यों मना है?

क्योंकि इससे भारत के टैक्स और कानून लागू हो सकते हैं।



क्या यह स्थायी रिमोट जॉब है?

नहीं, यह अस्थायी व्यवस्था है।