मौसम मोड़

मकर संक्रांति साल का वह समय दिखाती है जब दिन धीरे-धीरे लंबे होते हैं और सर्दी का असर कम होने लगता है।

सूर्य चाल

यह पर्व चंद्रमा नहीं, सूर्य की चाल पर आधारित है, इसलिए इसकी तारीख लगभग हर साल एक जैसी रहती है।

खेती जुड़ाव

मकर संक्रांति फसल कटाई से जुड़ी होती है, जहां मेहनत के बाद संतोष और धन्यवाद का भाव दिखता है।

सर्दी भोजन

तिल और गुड़ सर्दियों में शरीर को गर्मी और ऊर्जा देने के लिए परंपरागत रूप से खाए जाते हैं।

मिठास बांटना

मिठाई बांटना रोज़मर्रा की परंपराओं का हिस्सा है, जो रिश्तों में नरमी और मेल-जोल बढ़ाता है।

पतंग समय

पतंग उड़ाना लोगों को धूप और खुली हवा में लाता है, जिससे स्वास्थ्य और सामाजिक जुड़ाव बढ़ता है।

सरल आस्था

यह पर्व भारी कर्मकांड की जगह प्रकृति और संतुलन पर ध्यान देता है।

आज की ज़िंदगी

आज के तेज़ जीवन में मकर संक्रांति मौसम के अनुसार जीने की याद दिलाती है।

साझा मूल्य

अलग-अलग राज्यों में मनाए जाने के बावजूद इसके मूल मूल्य हर जगह समान रहते हैं।

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पूरे लेख में गहराई से समझें या मकर संक्रांति क्विज़ से अपनी जानकारी जांचें।

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